“Fraternity in Indian Constitution: बंधुता का असली मतलब और दलित आंदोलन से इसका गहरा संबंध”
संविधान में दिया गया ‘Fraternity’ क्या है और दलित आंदोलन से इसका संबंध? भारतीय संविधान की प्रस्तावना में चार मुख्य आदर्श दिए गए हैं— न्याय (Justice), स्वतंत्रता (Liberty), समानता (Equality) और बंधुता (Fraternity) । इनमें “Fraternity” यानी बंधुता सबसे कम समझा गया लेकिन सबसे गहरा और ज़रूरी मूल्य है। अक्सर लोग संविधान की चर्चा करते समय न्याय, समानता और अधिकारों की बात करते हैं, लेकिन बंधुता का उल्लेख बहुत कम होता है। जबकि सच्चाई यह है कि अगर बंधुता नहीं होगी, तो बाकी तीनों आदर्श भी टिक नहीं पाएँगे। यही कारण है कि दलित आंदोलन के संदर्भ में “Fraternity” का अर्थ और महत्व और भी बढ़ जाता है। Fraternity (बंधुता) का अर्थ क्या है? “Fraternity” का सीधा अर्थ है — भाईचारा, आपसी सम्मान और एक-दूसरे को समान मानव के रूप में स्वीकार करना । संविधान की प्रस्तावना कहती है कि बंधुता के माध्यम से “व्यक्ति की गरिमा” और “राष्ट्र की एकता और अखंडता” सुनिश्चित की जाएगी। इसका मतलब है: समाज में किसी को “ऊँचा” या “नीचा” न माना जाए सभी को सम्मान के साथ देखा जाए सामाजिक संबंध समानता पर ...